आमागोहन के बेटे की बड़ी कामयाबी, उपनिरीक्षक बनकर लौटे अजय ठाकुर का भव्य स्वागत

बिलासपुर। जिले के ग्राम पंचायत आमागोहन में उस समय उत्सव जैसा माहौल बन गया, जब गांव के होनहार युवक अजय ठाकुर एक वर्ष की कठिन ट्रेनिंग पूर्ण कर छत्तीसगढ़ पुलिस में उपनिरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) पद पर चयनित होकर अपने गृह ग्राम लौटे। उनके गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया। अजय ठाकुर ने रायपुर के चंदखुरी में अपनी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की। प्रशिक्षण के बाद जब वे पहली बार अपने गांव पहुंचे तो परिजनों, मित्रों और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने नारे लगाते हुए और फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। वहीं गांव के बुजुर्गों ने उन्हें आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अजय ठाकुर बचपन से ही मेधावी, अनुशासित और परिश्रमी रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। वन विभाग में सेवा के दौरान भी उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी और निरंतर मेहनत करते हुए यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता सालिकराम ठाकुर भी वन विभाग में अपनी सेवाएं देकर सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जिनसे उन्हें अनुशासन और सेवा भावना की प्रेरणा मिली। अजय ठाकुर की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच के साथ किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे ग्राम आमागोहन और क्षेत्र में गर्व का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि अजय ठाकुर की यह उपलब्धि गांव के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। उनके संघर्ष और सफलता की कहानी यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप शर्मा ने इसे क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह क्षण ग्राम आमागोहन के इतिहास में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है, जहां एक साधारण परिवार से निकला युवा अपनी मेहनत के दम पर पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक बनकर पूरे गांव का नाम रोशन कर रहा है।
















